सत-युग में ऋषि-महात्मा एवं जनसाधारण व्यक्ति सौ साल से भी अधिक स्वास्थ्यप्राद जीवन व्यतीत करते थे। परंतु कल-युग में तो इंसान तीस साल की उम्र के बाद ही बूढ़ा होने लगता है। आज और कल मैं अंतर केवल इतना है कि पहले लोग प्रकृति की गोद में बड़े होते थे और आज कल फ़ोन की स्क्रीन के आगे। पहेले लोग रोग-मुक्त रहेने के लिए योग, प्राणायाम एवं प्राकृतिक जड़ी-बूटी की सहायता लेते थे और अब आधुनिक रसायनिक दवाओं का, जो एक रोग को तो समाप्त कर देती हैं लेकिन अपने साइड एफेक्ट्स से दूसरे रोग को जन्म दे देती हैं। लेकिन अभी भी समय की रेत हाथ से नहीं निकली है। चाहे ही प्रदूषण ने प्रकृति को बदल दिया हो, परंतु अभी भी प्रकृति में ना जाने कितनी ही औषधियाँ आपको स्वस्थ एवं लंबा जीवन प्रदान कर सकती हैं। उनमें से एक औषधी है- "शिलाजीत"। शिलाजीत एक तार जैसा प्रदार्थ है जो गर्मियों के मौसम में हिमालय की चट्टानों से निकलता है।यह पेड़-पौधों और पशुओं का गलन प्रदार्थ है जो वर्षों पहले भूमि के अंदर समा गये थे। इसमें 85 से भी ज़्यादा लाभदायक खनिज एवं तत्व है जिनका उद्देश्य इंसान को रोग-मुक्त एवं लंबा जीवन प्रदान करना है। अपनी बेमिसाल क्षमताओं की वजह से यह "अमृत" एवं "कमज़ोरी विनाशक" के नाम से भी जाना जाता है। शिलाजीत दो शब्दों के योग से मिलकर बना है- शीला एवं जीत, जिसका पर्याय है जिसने शीला (पहाड़) पर विजय पा ली हो। यह केवल पर्वत विजय ही नहीं है अपितु यह अनेक रोगों का भी विनाशक है। ना जाने कितने ही हज़ारों वर्षों से यह कमज़ोरी को दूर करने के लिए, पाचन समस्याओं से राहत पाने के लिए, सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए, स्मरण शक्ति और अनुभूति में सुधार लाने के लिए, मधुमेह और एलर्जी को कम करने अथवा जीवन की गुणवत्ता और ... https://www.shimply.com/articles/shilajit-benefits-medicinal-uses-and-side-effects-in-hindi/
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