Saturday, July 16, 2016

Using Shisham Tree-शीशम वृक्ष का प्रयोग

Using Shisham Tree

Using Shisham Tree-शीशम वृक्ष का प्रयोग-

हर शहर या गाँव में सड़क के किनारे आपको आसानी से शीशम(shisham) का पेड़ देखने को मिल जाएगा लेकिन अगर आप इसके गुणों से अनजान है तो चलिए आज आपको इसके गुणों और प्रयोग से भी आपको अवगत कराते हैं ये किस काम आती है जानकर आपको हैरानी होगी आप इसके प्रयोग से कई बीमारियों से निजात पा सकते है-

क्या है इसके प्रयोग-

नीम के पत्ते,शीशम के पत्ते,सदाबहार के पत्ते को आपस मिला कर लेने से डायबिटीज की बीमारी से होने वाली शिथिलता भी दूर हो जाती है-

यदि त्वचा का ढीलापन है तो आप शीशम के पत्तों को पत्थर पे पीसे और लगाए त्वचा का ढीलापन जाता रहेगा-

कोई जहरीला कीड़ा काट ले और उसके काटने से यदि सूजन हो जाती है तो शीशम और नीम के पत्ते को पानी में उबाल कर उस पानी में नमक मिला कर सिकाई करे सूजन जाती रहेगी-

यदि शरीर में कही भी कोई गाँठ है इस शीशम के पत्तों को पीसकर लगाएं गाँठ धीरे-धीरे ख़त्म होगी अगर आप बिना पीसे सिर्फ पत्तों को तेल लगाकर उपर से गर्म करके पत्तों को बाँध ले तब भी गाँठ समाप्त हो जाती है-

गर्मी में जिन लोगों को अधिक प्यास की शिकायत होती है तो इसके पांच पत्तों को पीस ले और मिश्री मिला कर पिए ये आपको ठंडक देगी और बार-बार प्यास लगने की समस्या कम हो जायेगी-तथा पसीने से आने वाली बदबू से भी आपको निजात मिल जायेगी-

ये शीशम के पत्ते और मिश्री मिला शर्बत जिसको अधिक माहवारी आती है या पीरियड में दर्द की शिकायत है और रुक-रुक कर पेशाब आता है या फिर सफ़ेद पानी आता है उसके लिए भी ये शर्बत बहुत ही फायदेमंद है-

जिन माताओं-बहनों को कम दूध आता है शीशम के पत्ते पीस कर स्तन पे लगाएं इससे दूध पर्याप्त मात्रा में आने लगेगा-पशुओं में भी थनैला रोग में भी इसके पत्तों को लुगदी की तरह पीस कर लगाने से थनैला रोग जाता रहता है-

जिन लोगों की आँखों में लाली है या दर्द रहता है या फिर जलन होती है आप इसके पत्तों को पीस कर लुगदी बनाए और इस लुगदी को टिक्की की तरह बना कर आँख की पलकों पर रात को सोते समय बाँध ले सुबह आँखों की लाली जाती रहेगी-

यदि किसी को कैंसर की शिकायत है तो उसकी जो भी दवाएं कैंसर की चल रही हैं उसे चलने दें और साथ में शीशम के पेड के पत्तों का जूस भी दस से पंद्रह दिनों तक लें लें फिर उसके बाद शीशम के पत्ते को चबाना हर रोज शुरू करें - देखते देखते ही आपको कैंसर के मरीज के अंदर शानदार बदलाव आने दिखने लगेगें  और यह बीमारी खत्म हो जाती है-

दाद,खाज या त्वचा सम्बंधित किसी भी बिमारी में आप इसकी लकड़ी का तेल बना कर लगाए तथा नियमित मालिस करे इससे त्वचा सम्बंधित सभी रोग ठीक हो जाते है -

तेल बनाने के लिए आप किसी भी पुराने वृक्ष की लकड़ी लाये और उसे कूट ले फिर जितनी लकड़ी हो उससे चार गुना पानी लेकर धीमी आंच पे पकाए जब पानी एक चौथाई रह जाए तब उस बचे पानी के बराबर सरसों का तेल मिलाये और फिर धीमी आंच पे पकाए जब मात्र तेल रह जाए इसे किसी कांच की शीशी में भर कर रख ले -

जीवन-शैली-


from जीवन-शैली http://www.jeevanshaeli.com/2016/07/using-shisham-tree.html

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