Why Should Ushapan-उषापान क्यों करे-
आयुर्वेद में उषापान को अमृतपान कहा गया है अर्थात प्रात:काल उठने के बाद जल पीने को उषापान(Ushapan) कहते है रोगों को दूर करने में यह सरल-निशुल्क और सर्व-सुलभ उपचार है उषापान को जल चिकित्सा(Water therapy) भी कहते है आज चिकित्सक भी इसके महत्व को स्वीकार करते है -
उषापान पर वैज्ञानिक शोध भी किया जा चुका है निष्कर्ष के अनुसार -रात में नींद के समय लगभग छ: घंटे तक हर व्यक्ति के शरीर में कम हलचल होती है इस बीच में पेट द्वारा भोजन पचाकर उसका सारा रस सारे शरीर में पहुंचाने का काम बराबर चलता रहता है इस प्रक्रिया के साथ शरीर में नए कोष बनाने तथा पुराने कोषों को मल के रूप में विसर्जित करने का चयापचय(Metabolism) का क्रम चलता रहता है-
रात में शरीर की हलचल तथा शरीर में पानी के प्रवाह की कमी से जगह-जगह शरीर में विषैले तत्व एकत्रित हो जाते है प्रात: काल जागते ही शरीर में पर्याप्त मात्रा में एक साथ पानी पहुँचने से शरीर के आंतरिक अंगों की पूर्णत:धुलाई जैसी प्रक्रिया आरम्भ होती है जिससे सहज ही शरीर में विजातीय प्रदार्थ(Foreign substance) या विष(toxic) शरीर से बाहर निकल जाते है -यदि ये विजातीय तत्व या विष शरीर से बाहर नहीं निकल पाते है तो अनेक रोगों के कारण बन जाते है-ये बिषाक्त प्रदार्थ शरीर में पथरी(Calculus)या गाँठ के रूप में बन जाते है -उषापान से ऐसी बीमारियों को पनपने का अवसर ही नहीं मिलता है-
इसके प्राप्त परिणाम-
1- सिरदर्द,रक्तचाप,एनीमिया,संधिवात,मोटापा,स्नायुरोग,साइटिका,दिल की धड़कन,बेहोशी आदि से बचाव करता है-
2- कफ,खांसी,दमा,ब्राकाईटिस,टी.बी. की बीमारी में लाभ होता है-
3- मेनेजाइटीस,लीवर सम्बन्धी रोग,स्वप्नदोष आदि में लाभ-
4- हाइपर एसिडिटी ,अम्लपित्त,गैस सम्बन्धी रोग,में लाभ-
5- पेचिस ,गुर्दे की बिमारी,कब्जियत,डायबिटीज आदि में लाभ-
6- स्त्रियों की अनियमित माहवारी,प्रदर,गर्भाशय का कैंसर आदि समस्त रोगों की जड़ कब्ज है -
उषापान एक अचूक इलाज है तो फिर क्या सोच रहे है आज ये लेख पढ़ रहे है तो कल से ही शुरू करे और फ्री की सलाह से अपने जीवन को अप्रत्यासित रूप से स्वस्थ बनाए-
-Vasundhra Singh
from जीवन-शैली http://www.jeevanshaeli.com/2016/07/why-should-ushapan.html

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